देश को बचाने के लिए अगर जवान की ज़रूरत है तो

देश को चलाने के लिए दूकान की भी ज़रूरत है - अलबेला खत्री




www.albelakhatri.com - www.hamaragujarat.com

4 comments:

  1. kshama on February 8, 2010 at 5:09 AM

    देश को बचाने के लिए अगर जवान की ज़रूरत है तो

    देश को चलाने के लिए दूकान की भी ज़रूरत है - अलबेला खत्री
    Sahi kaha!
    ( Kharidaar kee bhi,hai na?)

     
  2. shama on February 8, 2010 at 5:50 AM

    Gujraat kee gauravshali parmpara hai...!

     
  3. जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } on February 9, 2010 at 6:55 AM

    कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,
    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,
    कलम के पुजारी अगर सो गये तो
    ये धन के पुजारी
    वतन बेंच देगें।



    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में प्रोफेशन से मिशन की ओर बढ़ता "जनोक्ति परिवार "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ ,

     
  4. संगीता पुरी on February 10, 2010 at 10:46 AM

    अच्‍छी लगी आपकी रचना .. इस नए चिट्ठे के साथ हिन्‍दी चिट्ठा जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

     

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tepa & wageshwari award winner the great indian laughter champion -2 fame hindi hasyakavi, lyric writer,music composer, producer, director, actor, t v  artist  & blogger from surat gujarat . more than 6200 live performance world wide in last 27 years
this time i creat an unique video album SHREE HINGULAJ CHALISA for TIKAM MUSIC BANK
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